Top 10 Government Polytechnic Colleges in Uttar Pradesh 2026 | Fees, Placement & Cutoff

Top 10 Government Polytechnic Colleges in Uttar Pradesh 2026 | Fees, Placement & Cutoff

अगर आपने अभी-अभी 10वीं या 12वीं पास की है और डिप्लोमा इंजीनियरिंग की तरफ जाने का मन बना रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही आता है — “यूपी में कौन सा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज सबसे अच्छा है?” कम फीस, अच्छी लैब, हॉस्टल की सुविधा और प्लेसमेंट — यही चार चीजें हर स्टूडेंट और पेरेंट्स की प्राथमिकता होती हैं।

उत्तर प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड (BTEUP) के अंतर्गत राज्य में करीब 150 से ज्यादा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज हैं, और इनमें दाखिला JEECUP (संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश) के जरिए होता है। इस आर्टिकल में हमने उन 10 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों की जानकारी दी है जो अपनी पुरानी परंपरा, अच्छी फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और JEECUP काउंसलिंग में सबसे ज्यादा डिमांड की वजह से टॉप माने जाते हैं।

जरूरी बात: फीस, सीटों की संख्या और सुविधाएं हर साल थोड़ी बदल सकती हैं, इसलिए एडमिशन लेने से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या BTEUP/JEECUP की official website (jeecup.admissions.nic.in) पर जाकर ताज़ा जानकारी जरूर चेक कर लें।

सरकारी पॉलिटेक्निक क्यों चुनें :-

निजी कॉलेजों के मुकाबले सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों की सबसे बड़ी खूबी है — बेहद कम फीस। ज्यादातर सरकारी पॉलिटेक्निक में पूरे 3 साल के डिप्लोमा कोर्स की फीस निजी कॉलेजों की एक साल की फीस से भी कम होती है। इसके अलावा पुराने और स्थापित कॉलेजों में अनुभवी फैकल्टी, बड़ी वर्कशॉप, लाइब्रेरी और मजबूत एल्युमनाई नेटवर्क का फायदा भी मिलता है।

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Top 10 Govt. Polytechnic College in UP

क्रम कॉलेज का नाम लोकेशन (जिला) स्थापना वर्ष (वेरीफाई किया गया) फीस
1 राजकीय पॉलिटेक्निक, लखनऊ लखनऊ 1892 (शुरुआत में इंडस्ट्रियल स्कूल के रूप में) अनुमान अलग-अलग स्रोतों में बहुत भिन्न — नीचे नोट देखें
2 राजकीय पॉलिटेक्निक, कानपुर कानपुर 1958 (शुरुआत में “गवर्नमेंट टेक्निकल इंस्टीट्यूट”, 1964 में नाम बदला)   //
3 राजकीय पॉलिटेक्निक, गोरखपुर गोरखपुर 1909 (शुरुआत में “गवर्नमेंट टेक्निकल स्कूल”, 1958 में नाम बदला)   //
4 राजकीय पॉलिटेक्निक, प्रयागराज प्रयागराज (इलाहाबाद) पुराना/ऐतिहासिक — सटीक वर्ष वेरीफाई नहीं हो सका   //
5 राजकीय पॉलिटेक्निक, झांसी झांसी 1958   //
6 राजकीय पॉलिटेक्निक, वाराणसी वाराणसी पुराना — सटीक वर्ष वेरीफाई नहीं हो सका    //
7 राजकीय पॉलिटेक्निक, बरेली बरेली 1958   //
8 राजकीय पॉलिटेक्निक, गाजियाबाद गाजियाबाद पुराना — सटीक वर्ष वेरीफाई नहीं हो सका   //
9 राजकीय पॉलिटेक्निक, सहारनपुर सहारनपुर एक स्रोत के अनुसार 1991 (सिर्फ एक स्रोत से, पुख्ता पुष्टि नहीं)   //
10 राजकीय पॉलिटेक्निक, अयोध्या (फैज़ाबाद) अयोध्या पुराना — सटीक वर्ष वेरीफाई नहीं हो सका   //

 

फीस को लेकर जरूरी बात: फीस वेरीफाई करने की कोशिश में पाया गया कि अलग-अलग एजुकेशन पोर्टल्स (Shiksha, Collegedunia, Careers360 आदि) एक ही कॉलेज के लिए बहुत अलग-अलग फीस के आंकड़े दिखाते हैं

उदाहरण के लिए लखनऊ पॉलिटेक्निक के लिए कहीं ₹11,870–35,610 तो कहीं ₹38,000–1.01 लाख तक की रेंज मिली। ये फर्क कोर्स, साल, स्कॉलरशिप अडजस्टमेंट या पोर्टल की पुरानी जानकारी की वजह से हो सकता है। इसलिए हम कोई भी फीस का पक्का आंकड़ा यहां नहीं दे रहे — एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज की official website या BTEUP fee notification (bteup.ac.in) से exact फीस जरूर कन्फर्म करें।

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1. राजकीय पॉलिटेक्निक, लखनऊ :-

लोकेशन: फैज़ाबाद रोड, लखनऊ — शहर के हर हिस्से से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

यूपी के सबसे पुराने और सबसे भरोसेमंद सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इसका नाम सबसे ऊपर आता है। स्थापना वर्ष 1892 है — यह शुरुआत में एक इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर बना था और बाद में तकनीकी स्तर तक अपग्रेड हुआ। JEECUP काउंसलिंग में हर साल यह टॉप चॉइस बना रहता है।

कोर्स: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस/IT, आर्किटेक्चर असिस्टेंटशिप जैसे कई डिप्लोमा कोर्स।

सुविधाएं:

  • कुल 8 हॉस्टल (4 बॉयज़ हॉस्टल — रमन, भाभा, N1, N2; 2 गर्ल्स हॉस्टल — RLB और नवीन)
  • अच्छी तरह सुसज्जित लैब और वर्कशॉप
  • बड़ी लाइब्रेरी (किताबें, जर्नल्स, मैगज़ीन)
  • कैफेटेरिया, स्पोर्ट्स फैसिलिटी, वाई-फाई कैंपस
  • राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) की सुविधा

क्यों चुनें: मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ा एल्युमनाई बेस और लखनऊ जैसे शहर में लोकेशन की वजह से इंडस्ट्री एक्सपोज़र बेहतर मिलता है।

2. राजकीय पॉलिटेक्निक, कानपुर :-

लोकेशन: GT रोड, विकास नगर, ख्योरा, कानपुर। नज़दीकी रेलवे स्टेशन रावतपुर (लगभग 3 किमी)।

स्थापना: 1958 में “गवर्नमेंट टेक्निकल इंस्टीट्यूट” के नाम से हुई थी, 1964 में इसे राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर नाम दिया गया।

कोर्स: केमिकल इंजीनियरिंग, सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी।

सुविधाएं:

  • बॉयज़ और गर्ल्स के लिए अलग-अलग हॉस्टल
  • लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, ऑडिटोरियम, कैफेटेरिया
  • गेस्ट रूम और मेडिकल फैसिलिटी
  • प्लेसमेंट सेल — औद्योगिक शहर होने के कारण कानपुर में लोकल इंडस्ट्री से जुड़ाव मजबूत है

क्यों चुनें: पुराना इतिहास, औद्योगिक शहर में लोकेशन होने से इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर ज्यादा।

3. राजकीय पॉलिटेक्निक, गोरखपुर :-

लोकेशन: गोरखपुर शहर, पूर्वांचल क्षेत्र का प्रमुख तकनीकी संस्थान।

स्थापना: 1909 में “गवर्नमेंट टेक्निकल स्कूल” के नाम से हुई थी, 1958 में इसे राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर नाम दिया गया — यह यूपी के सबसे पुराने तकनीकी संस्थानों में से एक है।

कोर्स: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा।

सुविधाएं: लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल (गर्ल्स पॉलिटेक्निक के लिए अलग कैंपस भी उपलब्ध), स्पोर्ट्स ग्राउंड।

क्यों चुनें: पूर्वी उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए यह सबसे नज़दीकी और भरोसेमंद विकल्प है, खासकर उन छात्रों के लिए जो लखनऊ या कानपुर जाने में सक्षम नहीं हैं।

4. राजकीय पॉलिटेक्निक, प्रयागराज :-

लोकेशन: प्रयागराज (पूर्व नाम इलाहाबाद) — गंगा-यमुना के संगम शहर में स्थित।

यह यूपी के सबसे पुराने तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है और अपनी अकादमिक प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है। (नोट: इस कॉलेज का सटीक स्थापना वर्ष हम भरोसेमंद स्रोत से वेरीफाई नहीं कर पाए — एडमिशन से पहले कॉलेज की official website से पुष्टि करें।)

कोर्स: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स डिप्लोमा प्रोग्राम।

सुविधाएं: हॉस्टल, वर्कशॉप, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स।

क्यों चुनें: प्रयागराज एक बड़ा शिक्षा हब है, जिससे छात्रों को कोचिंग, लाइब्रेरी और आगे की पढ़ाई (जैसे लेटरल एंट्री B.Tech) के संसाधन आसानी से मिल जाते हैं।

5. राजकीय पॉलिटेक्निक, झांसी :-

लोकेशन: ग्वालियर रोड, झांसी — रेलवे स्टेशन से करीब 3.5 किमी और बस स्टैंड से 7 किमी दूर।

स्थापना: 1958, रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झांसी में स्थापित।

कोर्स: सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल (ऑटोमोबाइल), कंप्यूटर एप्लीकेशन।

सुविधाएं:

  • हॉस्टल की सुविधा (मेरिट के आधार पर अलॉटमेंट)
  • एडमिनिस्ट्रेटिव और एकेडमिक बिल्डिंग अलग-अलग
  • NCC ब्लॉक और प्लेग्राउंड
  • पास ही “वीरांगना झलकारी बाई राजकीय गर्ल्स पॉलिटेक्निक” भी मौजूद है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र की छात्राओं के लिए खास सुविधा है

क्यों चुनें: बुंदेलखंड क्षेत्र के छात्रों के लिए यह सबसे नज़दीकी और भरोसेमंद सरकारी संस्थान है।

6. राजकीय पॉलिटेक्निक, वाराणसी :-

लोकेशन: वाराणसी — पूर्वांचल का धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र। (नोट: सटीक स्थापना वर्ष वेरीफाई नहीं हो सका।)

कोर्स: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा।

सुविधाएं: लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल, वर्कशॉप और स्पोर्ट्स फैसिलिटी।

क्यों चुनें: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जैसे बड़े शिक्षा संस्थानों की मौजूदगी से इलाके में एक मजबूत एकेडमिक माहौल बना रहता है, जिसका फायदा छात्रों को मिलता है।

7. राजकीय पॉलिटेक्निक, बरेली :-

लोकेशन: बरेली — रुहेलखंड क्षेत्र का प्रमुख शहर।

स्थापना: 1958 (शुरुआत में “गवर्नमेंट टेक्निकल इंस्टीट्यूट” के नाम से)।

कोर्स: सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स डिप्लोमा।

सुविधाएं: हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स ग्राउंड।

क्यों चुनें: रुहेलखंड क्षेत्र (बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं) के छात्रों के लिए सबसे सुलभ सरकारी विकल्प।

8. राजकीय पॉलिटेक्निक, गाजियाबाद :-

लोकेशन: गाजियाबाद — दिल्ली-एनसीआर से सटा हुआ औद्योगिक शहर। (नोट: सटीक स्थापना वर्ष वेरीफाई नहीं हो सका — कॉलेज की official website से पुष्टि करें।)

कोर्स: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस।

सुविधाएं: लैब, वर्कशॉप, हॉस्टल, लाइब्रेरी।

क्यों चुनें: दिल्ली-एनसीआर की नज़दीकी की वजह से इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर अपेक्षाकृत ज्यादा मिलते हैं, खासकर नोएडा और गाजियाबाद की इंडस्ट्रीज़ में।

9. राजकीय पॉलिटेक्निक, सहारनपुर :-

लोकेशन: सहारनपुर — पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर, अपने लकड़ी के काम (वुड कार्विंग) उद्योग के लिए मशहूर।

स्थापना: एक स्रोत के अनुसार 1991 (यह सिंगल-सोर्स जानकारी है, पूरी तरह पुख्ता नहीं — कॉलेज की official website से क्रॉस-चेक करें)।

कोर्स: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स।

सुविधाएं: हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स सुविधा।

क्यों चुनें: पश्चिमी यूपी के छात्रों के लिए नज़दीकी और भरोसेमंद विकल्प, स्थानीय उद्योगों से जुड़ाव का फायदा।

10. राजकीय पॉलिटेक्निक, अयोध्या (फैज़ाबाद) :-

लोकेशन: अयोध्या (पहले फैज़ाबाद के नाम से जाना जाता था)।

कोर्स: सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स।

सुविधाएं: हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी, वर्कशॉप।

क्यों चुनें: अवध क्षेत्र के छात्रों के लिए सुलभ, और अयोध्या के विकास के साथ आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर और अवसर दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

एडमिशन प्रक्रिया कैसे काम करती है :-

  1. पात्रता: कम से कम 35% अंकों के साथ 10वीं कक्षा पास (कुछ कोर्स के लिए 12वीं भी मान्य)। न्यूनतम आयु 14 वर्ष, कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं।
  2. प्रवेश परीक्षा (JEECUP 2026): इस साल रजिस्ट्रेशन 15 जनवरी 2026 से शुरू हुआ था और आवेदन की आखिरी तारीख कई बार बढ़ाकर 17 मई 2026 तक की गई। परीक्षा पहली बार पूरी तरह Computer Based Test (CBT/ऑनलाइन) मोड में 2 से 9 जून 2026 के बीच हुई (पहले यह पेन-एंड-पेपर मोड में होती थी)। रिजल्ट 19 जून 2026 को घोषित हुआ।
  3. काउंसलिंग: रिजल्ट के बाद रैंक के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग होती है। JEECUP 2026 काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन 25 जून 2026 से शुरू हुई; राउंड 1 सीट अलॉटमेंट 1 जुलाई 2026 को और राउंड 2 सीट अलॉटमेंट 10 जुलाई 2026 को जारी हुआ। कुल मिलाकर काउंसलिंग 2 फेज़ और करीब 5-8 राउंड में होती है — पहले फेज़ (राउंड 1-3) में सिर्फ यूपी डोमिसाइल वाले छात्र भाग ले सकते हैं, बाकी राउंड में दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए बची हुई सीटें खुलती हैं।
  4. फीस: सीट स्वीकार करने के लिए ₹3,000 की सिक्योरिटी/सीट एक्सेप्टेंस फीस ऑनलाइन जमा करनी होती है, जो बाद में कॉलेज की एडमिशन फीस में एडजस्ट हो जाती है।
  5. सीट अलॉटमेंट: कई राउंड में रैंक, चॉइस और कैटेगरी के आधार पर सीट अलॉट होती है। अलॉटमेंट के बाद छात्र के पास “फ्रीज” (सीट पक्की करना) या “फ्लोट” (अगले राउंड में बेहतर सीट के लिए मौका) चुनने का विकल्प होता है।

ध्यान दें: टॉप सरकारी कॉलेज (जैसे लखनऊ, कानपुर) पाने के लिए आमतौर पर अच्छी रैंक (टॉप 5,000 के आसपास) की जरूरत होती है, लेकिन यह हर साल आवेदकों की संख्या और कटऑफ के हिसाब से बदलता रहता है। यह जानकारी 14 जुलाई 2026 तक वेरीफाई की गई है — JEECUP 2026 की काउंसलिंग अभी जारी है, इसलिए बाकी राउंड की तारीखों के लिए jeecup.admissions.nic.in पर नज़र बनाए रखें।

कॉलेज चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें :-

  • ब्रांच पहले, कॉलेज बाद में: एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सिर्फ कॉलेज की रैंकिंग देखकर फैसला न लें, बल्कि यह भी देखें कि आपकी पसंदीदा ब्रांच (जैसे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल) उस कॉलेज में मिल रही है या नहीं।
  • घर से दूरी और हॉस्टल: अगर हॉस्टल की सुविधा जरूरी है, तो पहले कन्फर्म कर लें कि कॉलेज में यह उपलब्ध है (कुछ छोटे पॉलिटेक्निक में हॉस्टल नहीं होता)।
  • प्लेसमेंट रिकॉर्ड: कॉलेज की official website पर पिछले साल के प्लेसमेंट डेटा जरूर चेक करें।
  • इंडस्ट्री से नज़दीकी: कानपुर, गाजियाबाद जैसे औद्योगिक शहरों में स्थित कॉलेजों में इंटर्नशिप के मौके अक्सर ज्यादा मिलते हैं।

निष्कर्ष :-

उत्तर प्रदेश के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज कम फीस में अच्छी तकनीकी शिक्षा पाने का एक शानदार जरिया हैं। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और झांसी जैसे पुराने और स्थापित संस्थान आज भी छात्रों की पहली पसंद बने हुए हैं — इनकी वजह है अनुभवी फैकल्टी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सालों पुराना एल्युमनाई नेटवर्क।

लेकिन याद रखें — हर छात्र की जरूरत अलग होती है। अपने घर से दूरी, पसंदीदा ब्रांच, हॉस्टल की जरूरत और भविष्य के करियर लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लें। और सबसे जरूरी बात — एडमिशन से पहले फीस, सीटों की संख्या और सुविधाओं की पुष्टि हमेशा BTEUP (bteup.ac.in), JEECUP (jeecup.admissions.nic.in) या संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट से जरूर कर लें, क्योंकि ये आंकड़े हर साल बदल सकते हैं।

Disclaimer:-

इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों, कॉलेजों की वेबसाइट और शैक्षणिक पोर्टल्स से जुटाई गई है। फीस, सीटों और सुविधाओं में समय-समय पर बदलाव होता रहता है, इसलिए एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज या BTEUP/JEECUP की आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम जानकारी जरूर सत्यापित करें।

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